कई सालों से तामीर हो रहा हूं रफ़ी में. अब .तैयार हूं मुकम्मल होने को. M.k
Read more*हर बात को खामोशी से मान लेना... ये भी एक अंदाज़ होता है नाराज़गी का साहब* …
Read moreकोई भी दर्द इतना बड़ा नहीं जितना दर्द के पीछे की वजह बड़ी होती है ! कोई भी काम …
Read moreअहमियत कम हो जाती है रिश्तों की जब गिरने लगते है लोग नज़रों से Ahemiyat kam h…
Read moreज़िन्दा ज़मीर लोगों को बे ज़मीर लोगों ने मार डाला में एक उजाला था मुझे अंधेरों…
Read moreDARD BHARI SHAYAERI एक बार फिर हार गए हम अय ज़िन्दगी तुमने मौत से यारी करके ब…
Read moreकोई चांद रख मेरी शाम पर मेरा दिल जले तेरे नाम पर प्यार की राह में मुझे यूं छ…
Read moreए दिल तेरा यह दर्द yu कम ना होगा ए दिल तेरा यह दर्द yu कम ना होगा अभी और चंद …
Read moreखत्म हो गई मेरी दास्तां। अब कहीं नहीं मेरा आशियां! बाजार ए मोहब्बत में लुट …
Read moreरिश्ता निभा नहीं सकते तो अपना बनाते फिर क्यु हो ! वफा नहीं कर सकते तो जफ़ा फिर…
Read moreदुआओं में हमने खुशियाँ कब मांगी थी हमने तो दर्द सहने की बस ताकत मांगी थी । अप…
Read moreसिवाए एक शिकायत के हमने सब कुछ किया , इंतजार इजहार उसके हर फैसले पर एतबार…
Read moreमैं क्या चाहता हूँ , मैं क्या सोचता हूँ , कभी मुझ से मिरा ख़्याल पूछ लेते .. न…
Read moreक्या होता अगरचे मेरा हाल पूछ लेते दो - चार मोहब्बत से सवाल पूछ लेते मैं अपना…
Read moreजीवन में किसी भी इंसान के साथ भावनाओं में बहने से बेहतर है एक बार उसे परख लेना …
Read moreवक़्त नहीं है , सब कहते हैं मगर अपने मतलब का वक़्त , सब निकाल लेते है जब रिश…
Read moreआप हमें भूल जाओ हमें कोई गम नहीं आप हमें भूल जाओ हमें कोई गम नहीं भुलाना ही…
Read moreकौन कहता है कोई हमें याद नहीं करता , कौन कहता है कोई हमें याद नहीं करता , …
Read moreगमों के साए गमों के साए दिन ब दिन मंडराते ही जा रहे है आहिस्ता आहिस्ता हम भी …
Read more
Social Plugin