में नाराज़ हूँ आज में खुद से आईने में खड़ा रहकर खुद को खुद नहीं समझ पाया ma…
Read moreक्यों रुक जाएँ जब निगाह है मंज़िल पर क्यों थम जाएँ जब पहुंचना है मंज़िल पर...…
Read moreथोड़ा मुस्कुरा लो मरने से पहले हर गम भुला दो मरने से पहले क्या मालूम फिर मौका…
Read moreजंग लगी तलवारो पर अब धार लगानी होगी कुछ लोग औकात भूल गए अपनी शायद उन्हें याद…
Read moreजज़्बा हो तो कोई भी काम मुश्किल नही हौसला हो तो कोई भी मन्ज़िल दूर नही... जज़…
Read moreertugrul ghazi दिन बदलते हैं हालात भी बदल ही जाएंगे कल तक जिस पर तुम्हार…
Read moreअगर जीत की हवाएँ चलने लगे तो इतराना मत बस शुक्र करना अगर हार के बादल मंडराने…
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